Friday, June 21, 2024
spot_img

अयोध्यालाइव : राममंदिर का 60 प्रतिशत से ज्यादा निर्माण पूरा, जाने कब होगी प्राण प्रतिष्ठा

63 / 100

राममंदिर का 60 प्रतिशत से ज्यादा निर्माण पूरा

-सीएम योगी के नेतृत्व में राम मंदिर निर्माण में आई तेजी

-श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने दी जानकारी

-2024 की शुरुआत में श्रद्धालुओं को हो सकेंगे भगवान श्रीराम के दर्शन

-अक्टूबर 2023 तक मंदिर के प्रथम तल का निर्माण कार्य हो जाएगा पूरा

-2024 मकरसंक्रांति तक मंदिर के गर्भगृह में भगवान रामलला की हो जाएगी प्राण प्रतिष्ठा

अयोध्या । सीएम योगी के नेतृत्व में अयोध्या में भगवान राम के मंदिर का निर्माण तेज गति से किया जा रहा है। श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार मंदिर निर्माण का 60 प्रतिशत से अधिक कार्य संपन्न हो चुका है। निर्माण कार्य की तेजी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अगले साल यानी जनवरी 2024 में मकरसंक्रांति के अवसर पर मंदिर के गर्भ गृह में भगवान राम के बालस्वरूप की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। इसका मतलब ये है कि अगले साल मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं को विश्व के सबसे दिव्य और भव्य राम मंदिर में रामलला के दर्शन हो सकेंगे।

समयसीमा से पहले बनकर तैयार होगा राम मंदिर
श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय ने शुक्रवार को बताया कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर अपनी तय समय सीमा से पहले बनकर तैयार होगा। मंदिर का निर्माण तेज गति के साथ चल रहा है। अक्टूबर 2023 तक मंदिर के प्रथम तल का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। 2024 मकरसंक्रांति तक भगवान रामलला की मंदिर के गर्भगृह में प्राण प्रतिष्ठा हो जाएगी। उन्होंने कहा कि अभी तक जो तैयारी है उसके मुताबिक प्राण प्रतिष्ठा का काम 1 जनवरी से 14 जनवरी के बीच करने की योजना है। मंदिर का लगभग 62 प्रतिशत निर्माण कार्य अब तक पूरा कर लिया गया है। मंदिर का काम 3 फेज में होना है। पहले फेज का काम दिसंबर 2023 में पूरा हो जाएगा। इसमें गर्भगृह भी शामिल है।

बाल स्वरूप में विराजमान होंगे भगवान


चम्पत राय ने बताया कि गर्भगृह में विराजमान होने वाले भगवान श्रीराम की मूर्ति 5 वर्ष से 7 वर्ष के बीच बालक स्वरूप में होगी। इसके साथ ही उस मूर्ति में उंगलियां कैसी हों, चेहरा कैसा हो, आंखें कैसी हों इस बात पर देश के बड़े-बड़े मूर्तिकार अभी से मंथन करने में जुट गए हैं। हालांकि ट्रस्ट के मुताबिक भगवान श्रीराम की मूर्ति 8.5″ फीट लंबी होगी जिसको बनाने में 5 से 6 महीने का वक्त भी लगेगा। चंपत राय ने बताया कि भगवान की मूर्ति का स्वरूप नीलाम्बुजश्यामलकोमलाङ्गं के तर्ज पर होगा।

मूर्ति के लिए ऐसे पत्थरों का चयन किया जाएगा जो आकाश के रंग का हो यानी आसमानी रंग का हो। इसके साथ ही महाराष्ट्र और उड़ीसा के मूर्तिकला के विद्वानों ने आश्वासन दिया है कि ऐसा पत्थर उनके पास उपलब्ध है। उड़ीसा के पद्मश्री से सम्मानित मूर्तिकार सुदर्शन साहू, वासुदेव कामात तथा कर्नाटक के रमैया वाडेकर वरिष्ठ मूर्तिकार इसमें शामिल हैं। ट्रस्ट ने अभी इन मूर्तिकारों से मूर्ति का डायग्राम तैयार करने को कहा है लिहाजा भगवान की आंख से लेकर चरणों तक श्रद्धालुओं को आसानी से दर्शन हो सकें, इसका भी वैज्ञानिक अध्ययन कर रहे हैं। इसके साथ ही भगवान राम लला की 5 वर्ष के बालक की खड़ी हुई मूर्ति पर विचार विमर्श चल रहा है।

भगवान राम के मस्तक का होगा सूर्य तिलक
चंपत राय के मुताबिक, इस बात का भी ध्यान रखा जाएगा कि रामनवमी के दिन भगवान के मस्तक को सूर्य की किरणों का तिलक हो। वैज्ञानिकों ने जो सुझाव दिया है उसके अनुसार रामलला की मूर्ति का मस्तक फ्लोर से 8 फुट 7 इंच ऊपर होना चाहिए तभी सूर्य के प्रकाश की किरण उस पर आकर पड़ेगी। इसी आधार पर मूर्ति के पैडस्टल का निर्माण होगा। इसका प्रयोग रुड़की में सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट कर रही है। इसका पहला ट्रायल सफल हो गया है। उन्होंने बताया कि मंदिर के चारों ओर भगवान राम के जीवन के 100 प्रसंगों को पत्थरों में उकेरा जाएगा। एक प्रसंग जिस पत्थर में तैयार होगा, वह 6 फुट लंबा और 5 फुट ऊंचा और ढाई फुट मोटा होगा।

गर्भ गृह के अतिरिक्त होंगे पांच मंडप


उन्होंने बताया कि गर्भगृह के अतिरिक्त पांच मंडप और होंगे। तीन मंडप प्रवेश द्वार से गर्भ गृह की ओर और दो मंडप अगल-बगल होंगे। उन्हें कीर्तन मंडप कहा गया है। गर्भ गृह में व्हाइट मार्बल का इस्तेमाल किया गया है। गर्भ गृह की दीवार और फर्श भी मार्बल की होगी। गर्भ गृह के चारों ओर दीवारें तैयार हो गई हैं। गर्भ गृह के चारों ओर परिक्रमा मार्ग भी बन रहा है। सभी खंभों और दीवारों पर करीब 7 हजार मूर्तियां बनेंगी। इसके साथ ही एक कोने पर भगवती, दूसरे कोने पर गणपति, तीसरे कोने पर भगवान शंकर की मूर्ति होगी। बीच में भगवान राम होंगे। परकोटे के दक्षिण में हनुमान जी और उत्तर में अन्नपूर्णा की मूर्ति स्थापित की जाएगी। संतों ने इसकी परिकल्पना की है। मंदिर से आधा किमी. दूर तीर्थयात्री सुविधा केंद्र का भी निर्माण कार्य शुरू हो गया है। मंदिर के पश्चिम दिशा में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का काम शुरू हो गया है। मंदिर का मुख्य पावर स्टेशन और सब स्टेशन का काम भी शुरू हो चुका है।

ALSO READ

चार साल में होगा ग्रेजुएशन,UGC ने जारी किया करीकुलम

Incredible Benefits & Side-Effects Of Peas

Benefits, Uses and Disadvantages of Ashwagandha

BHU’S HOSPITAL SIR SUNDERLAL HOSPITAL CONDUCTS FIRST PEDIATRIC SURGERY USING 4K METHOD

BHU’S HOSPITAL SIR SUNDERLAL HOSPITAL CONDUCTS FIRST PEDIATRIC SURGERY USING 4K METHOD

AYODHYALIVE BHU : Funds will not be an obstacle for ensuring high quality teaching and research: Prof. Sudhir Jain 

काशी तमिल संगमम् में जारी है सांस्कृतिक रंगों की बहार, कथक, पेरियामलम, कोलट्टम एवं कुमयनुअट्टम की प्रस्तुतियों से सम्मोहित हुए दर्शक

अयोध्यालाइव : अयोध्या की सेवा में है डबल इंजन की सरकार : सीएम

अयोध्यालाइव : राम की संस्कृति जहां भी गई, मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती रहीः सीएम योगी

अयोध्यालाइव : रामनगरी को विश्व स्तरीय पर्यटन नगरी बनाने के लिए समय से कार्य करें अफसर: सीएम योगी

अयोध्यालाइव : बुलेट ट्रेन की गति से विकास कराती है ट्रिपल इंजन की सरकार : सीएम योगी

अयोध्यालाइव : कुलपति ने किया लैब्स का निरीक्षण

अयोध्यालाइव : सीएम योगी ने किया रामलला और हनुमानगढ़ी का दर्शन पूजन

अयोध्यालाइव : मुख्यमंत्री योगी ने किया अयोध्या विजन 2047 के कार्यो की समीक्षा

अयोध्यालाइव : दवाओं के साथ लें सात बार आहार, मिलेगी टीबी से मुक्ति  

प्रभु राम के आशीर्वाद से हो रहे त्रेता की अयोध्या के दर्शनः पीएम मोदी

: https://www.ayodhyalive.com/anganwadi-center…ment-of-children/ ‎

15 लाख 76 हजार दीपों का प्रज्जवलन कर बना वल्र्ड रिकार्ड

आयुर्वेद कैसे काम करता है – क्या है तीन दोष ?

दुनिया के इन देशों में भी भारत की तरह मनाई जाती है दीपावली

सम्पूर्ण भोजन के साथ अपने बच्चे का पूर्ण विकास सुनिश्चित करें : आचार्य डॉक्टर आरपी पांडे 

वजन कम करने में कारगर हे ये आयुर्वेदिक औषधियाँ :आचार्य डॉक्टर आरपी पांडे

सोने से पहले पैरों की मालिश करेंगे तो होंगें ये लाभ: आचार्य डॉक्टर आरपी पांडे

अयोध्या में श्री राम मंदिर तक जाने वाली सड़क चौड़ीकरण के लिए मकानों और दुकानों का ध्वस्तीकरण शुरू

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम जन्मभूमि परिसर के विकास की योजनाओं में किया बड़ा बदलाव

नों को आकांक्षी होने के साथ साथ स्वयं को करना होगा तैयार

राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य शिक्षा को 21वीं सदी के आधुनिक विचारों से जोड़ना : PM मोदी

प्रवेश सम्बधित समस्त जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

घर की छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए मिल रही सब्सिडी, बिजली बिल का झंझट खत्म

बीएचयू : कालाजार को खत्म करने के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण खोज

नेपाल के लोगों का मातृत्व डीएनए भारत और तिब्बत के साथ सम्बंधितः सीसीएमबी व बीएचयू का संयुक्त शोध

JOIN

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

For You
- FOLLOW OUR GOOGLE NEWS FEDS -spot_img
डा राम मनोहर लोहिया अवध विश्व विश्वविद्यालय अयोध्या , परीक्षा समय सारणी
spot_img

क्या राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द होने से कांग्रेस को फायदा हो सकता है?

View Results

Loading ... Loading ...
Latest news
प्रभु श्रीरामलला सरकार के शुभ श्रृंगार के अलौकिक दर्शन का लाभ उठाएं राम कथा सुखदाई साधों, राम कथा सुखदाई……. दीपोत्सव 2022 श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने फोटो के साथ बताई राम मंदिर निर्माण की स्थिति