AYODHYAलाइव

Wednesday, February 8, 2023

बीएचयू : कालाजार को खत्म करने के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण खोज

Share on facebook
Share on twitter
Share on pinterest
कालाजार को खत्म करने के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण खोज

Listen

Advertisements

बीएचयू के वैज्ञानिकों ने खोजा बिना लक्षण वाले कालाजार संक्रमित व्यक्तियों की पहचान करने का नया तरीका

· अनुसंधान में एक ऐसे प्रोटीन एम्फिरेगुलिन का पता लगाया, जिसका उपयोग बिना लक्षण वाले व्यक्तियों की पहचान करने में एक बायोमार्कर के रूप में किया जा सकता है

· कालाजार को खत्म करने के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण खोज

· प्रो. श्याम सुंदर और डॉ. राजीव कुमार ने किया मुख्य अनुसंधान दल का नेतृत्व

प्रो. श्याम सुंदर और डॉ. राजीव कुमार ने किया मुख्य अनुसंधान दल का नेतृत्व
प्रो. श्याम सुंदर और डॉ. राजीव कुमार ने किया मुख्य अनुसंधान दल का नेतृत्व

वाराणसी : बीएचयू के वैज्ञानिकों ने कालाजार के बिना लक्षण वाले व्यक्तियों की पहचान करने का एक नया तरीका खोज निकाला है, जो विश्वसनीय और किफायती हो सकता है। इस अध्ययन का नेतृत्व सीनियर रिसर्च फेलो सिद्धार्थ शंकर सिंह ने प्रो. श्याम सुंदर विशिष्ट प्रोफेसर, मेडिसिन विभाग, चिकित्सा विज्ञान संस्थान, और डॉ राजीव कुमार, सीईएमएस, आईएमएस-बीएचयू के मार्गदर्शन में किया।

इस शोध दल ने कालाजार के प्रभाव के क्षेत्र में रहने वाले व्यक्तियों के तीन समूहों (अकैलक्षणिक कालाजार व्यक्तियों, काला-जार रोगियों और स्वस्थ व्यक्तियों) से एकत्र किए गए रक्त के नमूनों पर ट्रांसक्रिप्टोमिक अध्ययन किया और एम्फिरेगुलिन नामक एक बायोमार्कर की पहचान की, जो अकैलक्षणिक व्यक्तियों की पहचान में मदद करेगा। अकैलक्षणिक काला-जार संक्रमण वाले व्यक्ति नैदानिक लक्षण नहीं दिखाते हैं। यह अणु एम्फायरगुलिन न केवल सूजन और ऊतक क्षति को रोकता है, बल्कि उन्हें सक्रिय रोग वाले व्यक्तियों से भी अलग कर सकता है। यह शोध कार्य प्रतिष्ठित शोध पत्रिका क्लीनिकल एंड ट्रांसलेशनल इम्यूनोलॉजी के नवीनतम अंक में प्रकाशित हुआ है।

कालाजार में अनियमित बुखार, वजन कम होना, प्लीहा और यकृत का बढ़ना और एनीमिया शामिल हैं। इसके ज्यादातर मामले ब्राजील, पूर्वी अफ्रीका और भारत में होते हैं। दुनिया भर में सालाना अनुमानित 50,000 से 90,000 नए मामले सामने आते हैं, जिनमें से केवल 25% से 45% के बारे में ही विश्व स्वास्थ्य संगठन को जानकारी पंहुच पाती है। अलैक्षणिक व्यक्ति बीमारी का कोई लक्षण नहीं दिखाते लेकिन परजीवी को अपने शरीर में संयोजित किए रहते है, जो कालाजार के फैलाव में मदद कर सकता है। इसिलिये यह शोध कालाजार अनुसंधान के क्षेत्र में विशेष रूप से कालाज़ार उन्मूलन के भारत सरकार के कार्यक्रम के आलोक में बहुत दिलचस्प खोज है और कालाजार के प्रभाव के क्षेत्र (endemic region) में रोग का बेहतर प्रबंधन करने में मदद करेगा।

घर की छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए मिल रही सब्सिडी, बिजली बिल का झंझट खत्म

सूर्य नूतन बनेगा किचन की नई पहचान, मिलेगा रसोई गैस से छुटकारा

प्रतिदान: बीएचयू ने शुरू की डॉ के.सी.चक्रवर्ती मेमोरियल स्कॉलरशिप

इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

BSF Bharti 2022 : 10th, 12th pass in BSF can Get Jobs on these Posts

बीएचयू : कालाजार को खत्म करने के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण खोज

पिछले तीन दशकों से कालाजार अनुसंधान के क्षेत्र में कार्यरत देश के अग्रणी वैज्ञानिक प्रो. श्याम सुंदर ने कहा कि कालाजार उन्मूलन के लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में इस शोध कार्य को आगे बढ़ाया जा रहा है, और यह खोज उसी दिशा में एक बड़ा कदम है।

संपर्क सूत्र:

डॉ राजीव कुमार: 9935940735

डॉ सिद्धार्थ शंकर: 8765323718

 https://www.ayodhyalive.com/important-discov…ng-bhu-kala-azar/

https://www.voiceofayodhya.com/

https://go.fiverr.com/visit/?bta=412348&brand=fiverrcpa

https://amzn.to/38AZjdT

https://www.ayodhyalive.com/uppbpb-bharti-20…s-may-start-soon/ ‎

ADVERTISEMENT

Advertisements

Related News

JOIN TELEGRAM AYODHYALIVE

Currently Playing
Coming Soon
देश का सबसे प्रभावशाली प्रधानमंत्री कौन रहा है?
देश का सबसे प्रभावशाली प्रधानमंत्री कौन रहा है?
देश का सबसे प्रभावशाली प्रधानमंत्री कौन रहा है?
February 2023
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
2728  
Currently Playing
Advertisements

OUR SOCIAL MEDIA

Also Read

%d bloggers like this: