BCCI का बड़ा एलान, महिला क्रिकेटरों को मैच फीस अब पुरुषों के बराबर मिलेगी
भारतीय क्रिकेट में लैंगिक असमानता से निपटने के लिए एक ऐतिहासिक फैसला किया गया है। अब महिला क्रिकेट खिलाड़ियों को भी पुरुषों के बराबर मैच फीस मिलेगी। बीसीसीआई (BCCI) की अपेक्स काउंसिल ने यह ऐतिहासिक फैसला किया है। बोर्ड के सचिव जय शाह ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।
जय शाह ने ट्वीट किया, ‘मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है भेदभाव मिटाने की दिशा में बीसीसीआई ने पहला कदम उठाया है। हम बोर्ड से अनुबंधित महिला क्रिकेटर के लिए समान वेतन की पॉलिसी लागू कर रहे हैं। अब महिला और पुरुष दोनों क्रिकेट खिलाड़ियों को एक जैसी मैच फीस मिलेगी। इसके जरिए हम क्रिकेट में लैंगिक समानता के एक नए युग में प्रवेश कर रहे हैं।’BCCI का बड़ा एलान, महिला क्रिकेटरों को मैच फीस अब पुरुषों के बराबर मिलेगी
भारतीय क्रिकेट में लैंगिक असमानता से निपटने के लिए एक ऐतिहासिक फैसला किया गया है। अब महिला क्रिकेट खिलाड़ियों को भी पुरुषों के बराबर मैच फीस मिलेगी। बीसीसीआई (BCCI) की अपेक्स काउंसिल ने यह ऐतिहासिक फैसला किया है। बोर्ड के सचिव जय शाह ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।
जय शाह ने ट्वीट किया, ‘मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है भेदभाव मिटाने की दिशा में बीसीसीआई ने पहला कदम उठाया है। हम बोर्ड से अनुबंधित महिला क्रिकेटर के लिए समान वेतन की पॉलिसी लागू कर रहे हैं। अब महिला और पुरुष दोनों क्रिकेट खिलाड़ियों को एक जैसी मैच फीस मिलेगी। इसके जरिए हम क्रिकेट में लैंगिक समानता के एक नए युग में प्रवेश कर रहे हैं।’
बता दें कि अब महिला क्रिकेटर खिलाड़ियों को अब हर टेस्ट खेलने के लिए 15 लाख रुपये मिलेंगे। एक वनडे खेलने के लिए 6 लाख और टी20 मैच के लिए उन्हें 3 लाख रुपये मिलेंगे। इससे पहले, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ियों की टेस्ट के लिए 4 लाख रुपये बतौर मैच फीस मिलते थे। जबकि वनडे और टी20 के लिए एक लाख रुपये मिलते थे। लेकिन, बीसीसीआई के नए फैसले के बाद अब महिला खिलाड़ियों को पहले के मुकाबले कई गुना मैच फीस मिलेगी। अब महिला क्रिकेटर की फीस टेस्ट मैच के लिए4 गुना, वनडे मैच के लिए 6 गुना और टी20 के लिए तीन गुना बढ़ गई है।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने बीसीसीआई के उस फैसले का स्वागत किया है। कौर ने कहा कि भारत में महिला क्रिकेट के लिए यह एक चिरस्मरणीय मंगल दिवस है। उन्होंने कहा, ” भारत में महिला क्रिकेट के लिए महिलाओं और पुरुषों के लिए वेतन समानता की घोषणा वास्तव में एक चिरस्मरणीय मंगल दिवस है।”
हरमनप्रीत कौर के अलावा पूर्व कप्तान मिताली राज ने ट्विटर पर लिखा, ” भारत में महिला क्रिकेट के लिए यह एक एतिहासिक निर्णय है। अगले साल महिला आईपीएल के साथ इक्विटी पॉलिसी, हम भारत में महिला क्रिकेट के लिए एक नए युग की शुरुआत कर रहे हैं। बीसीसीआई और जय शाह सर इसको मुमकिन बनाने के लिए आपका शुक्रिया। आज बहुत खुश हूं.”
2017 से महिला क्रिकेट में आया बदलाव
2017 में आईसीसी महिला विश्व कप के फाइनल में टीम के पहुंचने के बाद से महिला क्रिकेट में लोगों की रुचि बढ़ी है। उसके बाद टीम 2020 टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंची थी। इस साल अगस्त में टीम ने राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक हासिल किया था।
न्यूजीलैंड इसी साल लाया था यह नियम
इस साल की शुरुआत में न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने समान वेतन को लेकर बड़ा फैसला लिया था। उनसे घोषणा की थी कि महिला राष्ट्रीय टीम और घरेलू महिला खिलाड़ियों को पुरुषों के समान मैच फीस मिलेगी।
साथ ही यह घोषणा भी की है कि बीसीसीआई अनुबंधित भारतीय महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ियों के लिए एक वेतन इक्विटी नीति भी लागू करेगा। अभी तक बीसीसीआई से अनुबंधित पुरुष खिलाड़ियों को तीन श्रेणियों में सात करोड़, छह करोड़ रुपये और तीन करोड़ रुपये मिलते हैं, जबकि महिला खिलाड़ियों को 50 लाख रुपये, 30 लाख रुपये और 10 लाख रुपये मिलते हैं। बीसीसीआई ने अभी तक पुरुष और महिला दोनों खिलाड़ियों के लिए 2022 के अनुबंधों की नई लिस्ट की घोषणा नहीं की है।
सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट 2021-22 में कितने रुपये मिलते हैं
सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट में अब भी महिला और पुरुषों के बीच काफी बड़ा अंतर है। जहां पुरुषों के लिए चार कैटेगरी है, तो वहीं महिलाओं के लिए सिर्फ तीन ही कैटेगरी निर्धारित हैं।
पुरुष कॉन्ट्रैक्ट: कैटेगरी A+ (7 करोड़ रुपये), कैटेगरी A (5 करोड़ रुपये), कैटेगरी B (3 करोड़ रुपये) और कैटेगरी C (1 करोड़ रुपये)
महिला कॉन्ट्रैक्ट: कैटेगरी A (50 लाख रुपये), कैटेगरी B (30 लाख रुपये) और कैटेगरी C (10 लाख रुपये)
बता दें कि अब महिला क्रिकेटर खिलाड़ियों को अब हर टेस्ट खेलने के लिए 15 लाख रुपये मिलेंगे। एक वनडे खेलने के लिए 6 लाख और टी20 मैच के लिए उन्हें 3 लाख रुपये मिलेंगे। इससे पहले, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ियों की टेस्ट के लिए 4 लाख रुपये बतौर मैच फीस मिलते थे। जबकि वनडे और टी20 के लिए एक लाख रुपये मिलते थे। लेकिन, बीसीसीआई के नए फैसले के बाद अब महिला खिलाड़ियों को पहले के मुकाबले कई गुना मैच फीस मिलेगी। अब महिला क्रिकेटर की फीस टेस्ट मैच के लिए4 गुना, वनडे मैच के लिए 6 गुना और टी20 के लिए तीन गुना बढ़ गई है।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने बीसीसीआई के उस फैसले का स्वागत किया है। कौर ने कहा कि भारत में महिला क्रिकेट के लिए यह एक चिरस्मरणीय मंगल दिवस है। उन्होंने कहा, ” भारत में महिला क्रिकेट के लिए महिलाओं और पुरुषों के लिए वेतन समानता की घोषणा वास्तव में एक चिरस्मरणीय मंगल दिवस है।”
हरमनप्रीत कौर के अलावा पूर्व कप्तान मिताली राज ने ट्विटर पर लिखा, ” भारत में महिला क्रिकेट के लिए यह एक एतिहासिक निर्णय है। अगले साल महिला आईपीएल के साथ इक्विटी पॉलिसी, हम भारत में महिला क्रिकेट के लिए एक नए युग की शुरुआत कर रहे हैं। बीसीसीआई और जय शाह सर इसको मुमकिन बनाने के लिए आपका शुक्रिया। आज बहुत खुश हूं.”
2017 से महिला क्रिकेट में आया बदलाव
2017 में आईसीसी महिला विश्व कप के फाइनल में टीम के पहुंचने के बाद से महिला क्रिकेट में लोगों की रुचि बढ़ी है। उसके बाद टीम 2020 टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंची थी। इस साल अगस्त में टीम ने राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक हासिल किया था।
न्यूजीलैंड इसी साल लाया था यह नियम
इस साल की शुरुआत में न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने समान वेतन को लेकर बड़ा फैसला लिया था। उनसे घोषणा की थी कि महिला राष्ट्रीय टीम और घरेलू महिला खिलाड़ियों को पुरुषों के समान मैच फीस मिलेगी।
साथ ही यह घोषणा भी की है कि बीसीसीआई अनुबंधित भारतीय महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ियों के लिए एक वेतन इक्विटी नीति भी लागू करेगा। अभी तक बीसीसीआई से अनुबंधित पुरुष खिलाड़ियों को तीन श्रेणियों में सात करोड़, छह करोड़ रुपये और तीन करोड़ रुपये मिलते हैं, जबकि महिला खिलाड़ियों को 50 लाख रुपये, 30 लाख रुपये और 10 लाख रुपये मिलते हैं। बीसीसीआई ने अभी तक पुरुष और महिला दोनों खिलाड़ियों के लिए 2022 के अनुबंधों की नई लिस्ट की घोषणा नहीं की है।
सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट 2021-22 में कितने रुपये मिलते हैं
सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट में अब भी महिला और पुरुषों के बीच काफी बड़ा अंतर है। जहां पुरुषों के लिए चार कैटेगरी है, तो वहीं महिलाओं के लिए सिर्फ तीन ही कैटेगरी निर्धारित हैं।
पुरुष कॉन्ट्रैक्ट: कैटेगरी A+ (7 करोड़ रुपये), कैटेगरी A (5 करोड़ रुपये), कैटेगरी B (3 करोड़ रुपये) और कैटेगरी C (1 करोड़ रुपये)
महिला कॉन्ट्रैक्ट: कैटेगरी A (50 लाख रुपये), कैटेगरी B (30 लाख रुपये) और कैटेगरी C (10 लाख रुपये)
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