Wednesday, April 17, 2024
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बीएचयू में अट्ठाईस दिवसीय ‘‘इण्डक्शन पाठ्यक्रम‘‘ का उदघाटन समारोह हुआ संपन्न

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बीएचयू में अट्ठाईस दिवसीय ‘‘इण्डक्शन पाठ्यक्रम‘‘ का उदघाटन समारोह हुआ संपन्न

बीएचयू : यू.जी.सी.-ह्यूमन रिसोर्स डेवलेपमेन्ट सेन्टर, बीएचयू में चल रहे अट्ठाईस दिवसीय ‘‘इण्डक्शन पाठ्यक्रम‘‘ (ऑन-लाईन) का उदघाटन समारोह संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में श्री रामाशीश जी, प्रज्ञा प्रवाह, वाराणसी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. वी0 के0 शुक्ला, कुलगुरू, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय ने की। विदित हो कि इस अट्ठाईस दिवसीय तक चलने वाले पाठ्यक्रम में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के लगभग 60 प्रतिभागी प्रतिभाग कर रहे हैं।

     रामाशीश जी ने बताया कि संस्थानों को उद्देश्यहीन नहीं होना चाहिए बल्कि उनको अपनी मौलिक उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुये समाज एवं देश के लिए हितकर कार्याें को करना चाहिए। आपने संस्थानों में अच्छे शोधकर्ताओं एवं शिक्षकों के चयन, उच्च कोटि के मौलिक शोध एवं समाज से जुड़ाव पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकताओं पर जोर दिया। आपने अपने व्याख्यान में कहा कि समाज एवं देश को यह जानने का पूर्ण अधिकार है कि शिक्षण संस्थाएँ क्या और कैसे कार्य कर रही है? उन्होंने कहा कि संस्थाओं को एक क्रियाशील आकृति के रूप में सुन्दरता को समेटे हुए कम लागत से निर्मित होने चाहिए। संस्थाओं में कार्य संस्कृति के अभाव से उनमें कार्यरत कर्मचारियों एवं शोधकर्ताओं एवं वैज्ञानिकों का हृास एवं छय होता है। आपने बताया कि ज्ञान क्या है? भारत को कैसे ज्ञान आधारित समाज बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के नागरिक को अपने अधिकारों की रक्षा और कर्तव्यों के पालन के लिये न्यूनतम ज्ञान की आवश्यकता पड़ती है।

कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रो. वी. के. शुक्ला जी ने पाठ्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि शिक्षा और मानवीय मूल्यों का पारस्परिक संयोजन राष्ट्र की, समाज की एवं व्यक्ति की उन्नति हेतु अत्यन्त आवश्यक है। शिक्षक के भीतर अभिवृत्ति, कौशल और ज्ञान तीनो का सामंजस्य होना आवश्यक है। उन्होंने एक अच्छे शिक्षक को न सिर्फ विषय को व्याख्यायित करने वाला अपितु छात्रों के लिये प्रेरणा स्त्रोत भी बताया तथा शिक्षक में मानसिक, शारीरिक और आत्मिक समरसता का होना भी अपरिहार्य बताया।

इस अट्ठाईस दिवसीय पाठ्यक्रम में यू.जी.सी. ह्यूमन रिसोर्स डेवलेपमेन्ट सेन्टर, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के निदेशक प्रो. प्रवेश कुमार श्रीवास्तव ने कार्यक्रम में पधारे अतिथियों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापन करते हुए बताया कि इस पाठ्यक्रम मे हमारी कोशिश है कि प्रतिभागियों में नई उर्जा का संचार हो। कार्यक्रम का संचालन करते हुए यू.जी.सी. ह्यूमन रिसोर्स डेवलेपमेन्ट सेन्टर, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के उप-निदेशक एवं पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ0 संजय कुमार तिवारी जी ने पाठ्यक्रम की सम्पूर्ण रूपरेखा को विस्तार से बताया।

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प्रवेश सम्बधित समस्त जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

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