Thursday, July 18, 2024
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इंडियन आइडल-13 के विजेता ऋषि सिंह ने सीएम योगी से की मुलाकात

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इंडियन आइडल-13 के विजेता ऋषि सिंह ने सीएम योगी से मिलकर लिया आशीर्वाद

लखनऊ। लीविजन पर प्रसारित होने वाली संगीत प्रतियोगिता ‘इंडियन आइडल’ के 13वें संस्करण के विजेता बन गए हैं अयोध्या के रहने वाले ऋषि सिंह। रविवार की देर रात प्रतियोगिता के अंतिम चरण में ये सफल घोषित किए गए। उन्हें लगातार बधाइयां मिल रही हैं।

ऋषि अयोध्या के रहने वाले हैं। उनकी जीत से अयोध्या में भी जश्न मनाया गया। मुख्यमंत्री योगी ने ऋषि सिंह को बधाई और शुभकामनाएं दी।

ऋषि सिंह ने कहा कि ये मेरे लिए गर्व की बात है कि मैं अयोध्या और यूपी का सम्मान रख पाया हूं। जिस दिन से इस ट्रॉफी को देखा तो लगा कि मुझे अयोध्या के लिए लाना है, आज वो कर पाया हूं। अपनी ये खुशी को शब्दों में बयां नहीं कर सकता।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी जीत पर ट्वीट कर लिखा, ‘आपकी अटूट संगीत साधना को समर्पित उपलब्धि पर उत्तर प्रदेश समेत पूरे संगीत जगत को गर्व है। मां सरस्वती की कृपा आप पर बनी रहे, आपकी स्वर्णिम सफलता का क्रम अनवरत चलता रहे, यही कामना है।

‘ ऋषि यूपी के अयोध्या के रहने वाले हैं। उनका पूरा नाम ऋषि राज सिंह है। उनकी गायिकी के मुरीद क्रिकेट खिलाड़ी विराट कोहली तक हैं। ऋषि सिंह ने इससे इंडियन आइडल के 11वें संस्करण के लिए भी आडिशन दिया था, लेकिन उस वक्त वे आडिशन के चौथे दौर में बाहर हो गए थे।

‘इंडियन आइडल’ के हाल के संस्करण में ऋषि ने सोनाक्षी कर, शिवम चिराग कोटवाल, विदिता चक्रवर्ती और देवोस्मिता राय को पीछे छोड़ यह ट्राफी अपने नाम कर ली। ऋषि इस शो की से ही काफी लोकप्रिय हो शुरुआत गए थे। हाल ही में, ऋषि ने इस बात का खुलासा किया है कि वह एक बार फिर शो में आना चाहते हैं।

ऋषि को दर्शकों की तरफ से सबसे ज्यादा मत मिले थे। जीतने के बाद अधि को 25 लाख रुपए की पुरस्कार राशि और एक चमचमाती कार मिली। इस जीत के बाद ऋषि को सोनी म्यूजिक इंडिया के साथ काम करने का मौका भी मिला है। अपनी खुशी को जाहिर करते हुए और अपने अनुभव को साझा करते हुए ऋषि ने बताया कि जब उनका नाम विजेता के रूप में घोषित किया गया तो वह अपने आंसू नहीं रोक पाए थे। इस शो को जीतना उनके लिए किसी सपने के साकार होने से कम नहीं था।

ऋषि की शुरुआती शिक्षा कैब्रियन स्कूल से हुई है। शिक्षा हासिल करने के बाद वह फिलहाल देहरादून के हिमगिरी जी विश्वविद्यालय से आगे की पढ़ाई कर रहे हैं। प्रतियोगिता के दौरान मंच पर ही उनके जीवन का एक रहस्य खुला कि उनकी सगी मां ने अनाथ छोड़ दिया था। उनके माता-पिता ने उन्हें गोद लिया है, जिसके लिए उन्हें ताने भी सुनने पड़े।

ऋषि ने कहा, ‘इस शो से मेरा एक खास रिश्ता जुड़ गया है। इस शो ने मुझे एक अलग पहचान दी है। मैं इस शो में दोबारा आना चाहता हूँ, लेकिन प्रतियोगी के रूप में नहीं बल्कि जज के रूप में। जब भी यह दिन मेरी जिंदगी में आएगा, उस दिन मुझे ऐसा लगेगा कि मैंने सच में जिंदगी में कोई मुकाम हासिल किया है। इसके अलावा ऋषि ने यह भी बताया कि जब यह शो का हिस्सा बने थे तो उनके दिमाग में यह था कि उन्हें आखिरी तक रहना है।’

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