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Wednesday, May 25, 2022

विरासत-वैभव के साथ जनउपयोग पर रहे ध्यान, लापरवाही बर्दाश्त नहीं-मुख्यमंत्री

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विरासत-वैभव के साथ जनउपयोग पर रहे ध्यान, लापरवाही बर्दाश्त नहीं-मुख्यमंत्री

मंडल व जिले को साप्ताहिक और शासन को पाक्षिक समीक्षा का निर्देश

अधिकारियों-कर्मचारियों को तैनाती स्थल पर रात्रि निवास और अधिकारियों को निगरानी की हिदायत

अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राम नगरी में राम मंदिर के निर्माण से पर्यटकों की तादाद बढ़ी है। अयोध्या विजन डॉक्यूमेंट 2047 को लेकर विभिन्न विभागों की 200 से ज्यादा परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। मंडल और जनपद के अधिकारी इन विकास कार्यों की साप्ताहिक और प्रमुख सचिव पाक्षिक समीक्षा करें।

अयोध्या को उसके त्रेता कालीन वैभव के अनुरूप वैश्विक धरातल पर पर्यटन,आध्यात्मिक व सांस्कृतिक नगरी बनाने के लिए निर्माण में धरोहरों, इकोसिस्टम, पर्यावरण और पौधरोपण को प्रोत्साहित किया जाय। निर्माण और विकास में नगरी के विरासत और वैभव का ध्यान रहे तथा इसके जनउपयोग का ध्यान रखा जाय। अधिकारी पूरी क्षमता और विराट सोच के साथ कार्य कर इन योजनाओं को समय और गुणवत्ता के साथ पूरा कराये। लापरवाही और हीलाहवाली पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।

19000 करोड़ की परियोजनाओं की समीक्षा

शुक्रवार दोपहर बाद वह आयुक्त सभागार में मंत्री समूह तथा संबंधित विभागों के विभागाध्यक्षों के साथ अयोध्या और उसके आसपास चल रही 19000 करोड़ की परियोजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में उन्होंने अयोध्या विजन डॉक्यूमेंट 2047 के प्रगति के प्रस्तुतीकरण को देखा। कहा कि अयोध्या विजन के विभिन्न विकास कार्यों और परियोजनाओं की निगरानी के लिए डैशबोर्ड तैयार किया गया है तथा आवास एवं शहरी नियोजन विभाग को नोडल बनाया गया है।

जिला,मंडल और प्रमुख सचिव की ओर से समीक्षा कर किसी भी प्रकार के गतिरोध को दूर करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए। नगरी के विकास के लिए अन्य विभाग के अधिकारी खुद से पहल करें और अपने विभाग के सचिव, प्रमुख सचिव के साथ मुख्यमंत्री कार्यालय से पत्राचार करें। मुख्यमंत्री ने घर-घर नल कनेक्शन व्यवस्था को बेहतर बनाने, अयोध्या में विद्युत आपूर्ति को बेहतर करने और ओवर बिलिंग ठीक कर समय से बिल प्रेषण की नियमित समीक्षा का निर्देश दिया।

मंत्री समूह के अध्यक्ष मंडल के प्रभारी मंत्री से आंगनबाड़ी केंद्रों पर पुष्टाहार वितरण की समीक्षा का अनुरोध किया। योजनाओं और सुविधाओं को जन जन तक पहुंचाने के लिए ब्लॉक से लेकर मंडल स्तर के अधिकारियों कर्मचारियों को अपने तैनाती स्थलों पर ही रात निवास करने और वहां आवास की सुविधा न होने पर किराए का मकान लेकर रहने की हिदायत दी।

साथ ही मंडल और जनपद के अधिकारियों को कार्यालयों के साथ-साथ विकास कार्यों की प्रगति व कल्याणकारी योजनाओं की हकीकत जानने के लिए भ्रमण और निगरानी तथा मंत्री समूह को मंडल के जिलों का भ्रमण कर अपनी रिपोर्ट और प्रस्ताव देने को कहा,जिससे आम जनमानस की सुविधाओं में सुधार के लिए इस प्रस्ताव को अलग से कैबिनेट में रखा जा सके।

मुख्यमंत्री ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की भी चेतावनी दी। विजन डॉक्यूमेंट का प्रमुख सचिव आवास विकास नितिन रमेश गोकर्ण,विकास कार्यों का मंडलायुक्त नवदीप रिणवा और कानून व्यवस्था का प्रस्तुतीकरण आईजी के पी सिंह ने किया। बैठक में मंडल के प्रभारी मंत्री एके शर्मा, राज्य मंत्री धर्मवीर प्रजापति व प्रतिभा शुक्ला, मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र समेत आवास, नगर विकास, लोक निर्माण, उर्जा, पर्यटन, राजस्व, नागरिक उड्डयन आदि विभागों तथा कार्यदाई संस्थाओं के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे।

रामपथ, श्री राम जन्मभूमि पथ व भक्ति पथ के डीपीआर पर भडक़े, बताया खानापूर्ति

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने राम नगरी अयोध्या के प्रस्तावित तीन प्रमुख मार्गो के डीपीआर को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। कहा कि यह डीपीआर पूर्णतया व्यवहारिक है। ऐसा प्रतीत होता है कि संबंधित अधिकारियों ने खानापूर्ति है और कोई रूचि नहीं ली है। सीएम ने कहा कि योजना के तहत सहादतगंज से नया घाट तक राम पथ, सुग्रीव किला से राम जन्मभूमि मंदिर तक श्री राम जन्मभूमि पथ और श्रृंगार हाट से राम जन्म भूमि मंदिर तक भक्ति पथ का निर्माण होना है। इन तीनों मार्गों के निर्माण के लिए निर्मित आरडीपीआर ठीक नहीं है। हिदायत दी कि डीपीआर बनाते समय आवश्यकताओं को प्राथमिकता पर रखा जाए और फिजूलखर्ची से बचा जाए। अयोध्या विकास प्राधिकरण लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित विभाग के अधिकारी बैठक कर इसमें अपेक्षित सुधार करें और इन मार्गों के चौड़ीकरण के साथ-साथ मार्गों पर प्रॉपर ड्रेनेज सिस्टम, यूटिलिटी उपयोगी सेवाएं एवं फुटपाथ आदि की व्यवस्था की जाए।

जनप्रतिनिधियों में रखे सुझाव और शिकायत

बैठक में सीएम ने जनप्रतिनिधियों सांसद लल्लू सिंह, विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, रामचंद्र यादव, डॉ अमित सिंह चौहान, अवधेश प्रसाद, अभय सिंह, विधान परिषद सदस्य हरिओम पांडेय, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली, सिंह महापौर ऋषिकेश उपाध्याय आदि से अयोध्या के विकास पर सुझाव मांगे। जनप्रतिनिधियों ने गो आश्रय स्थल, प्रधानमंत्री आवास, जलापूर्ति, चिकित्सालय, विद्युत आपूर्ति के संबंध में सुझाव दिया तथा कोटेदारों से अधिकारियों की ओर से की जा रही अवैध वसूली की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने मंडलायुक्त को समिति बनाकर मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया। कहा कि जिले में डीएम और सीडीओ सुनिश्चित करें कि कहीं भी कमीशन खोरी न होने पाए। मंडल के प्रभारी मंत्री प्रदेश के ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने कहां कि योजनाओं और कार्यों की मुख्यमंत्री और मेरे स्तर पर समय-समय पर समीक्षा की जाएगी। अयोध्या को एक मॉडल सिटी के रूप में विकसित करना है। इस संबंध में कोई समस्या आ रही है तो अधिकारी अपने विभाग के अलावा मुझको और मुख्यमंत्री कार्यालय को भी बताएं।

https://www.ayodhyalive.com/विरासत-वैभव-के-साथ-जनउपयो/

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