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Thursday, December 1, 2022

1857 की क्रांति में विरांगनाओं के बलिदान को भुलाया नही जा सकताः डाॅ0 मनीषा मिश्रा

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1857 की क्रांति में विरांगनाओं के बलिदान को भुलाया नही जा सकताः डाॅ0 मनीषा मिश्रा

अविवि में 1857 की क्रांति में महिलाओं का योगदान विषय पर आयोजित हुआ वेबिनार

अयोध्या। डाॅ0 राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन केंद्र तथा महिला शिकायत एवं कल्याण प्रकोष्ठ द्वारा मंगलवार को मिशन शक्ति फेज-4 के तहत ‘‘1857 की क्रांति में महिलाओं का योगदान‘‘ विषय पर वेबिनार का आयोजन किया गया। वेबिनार को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता वसंता कॉलेज फॉर वीमेन, वाराणसी की राजनीति विज्ञान विभाग की डॉ0 मनीषा मिश्रा ने बताया कि 1857 की क्रांति में महिलाओं की भूमिका बढ़चढ कर रही है। जिसमें झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के योगदान को भुलाया नही जा सकता। उन्होंने बेगम हजरत के जीवन और क्रान्ति पर भी चर्चा की।

जिनका इतिहास में ज्यादा नाम नहीं मिलता। देश को आजादी दिलाने मे झलकारी बाई, नैना, ऊदा देवी, बेगम जीनत और अजीजन बाई जैसी कई विरांगनाओं ने बलिदान दिया है। उन्होंने बताया कि इन्ही विरांगनाओं में उदा देवी जोकि दलित महिला थी वे आखिरी सांस तक संघर्ष करती रही। वहीं मवीरी देवी ने महिला इकाई को संगठित किया, आशा देवी, हबीब देवी, त्यागी जामिला, शोभा देवी ने देश की आजादी के लिए बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया।

डाॅ0 मनीषा ने बताया कि इसमे सिर्फ महिलाएं ही नहीं बल्कि छोटी बच्चियां भी शामिल रही जिसे हम मैना के नाम से जानते है। उन्होंने युवा पीढ़ी से कहा कि आज इन महान वीरांगनाओं को अपना रोल मॉडल बनाने के साथ इनसे सीख लेने की आवश्कयता है।

कार्यक्रम में महिला अध्ययन केंद्र तथा महिला शिकायत एवं कल्याण प्रकोष्ठ की समन्वयक प्रो0 तुहिना वर्मा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए मिशन शक्ति फेज-4 से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि 1857 की क्रान्ति पूरे भारत के लिए महत्वपूर्ण है। क्योंकि 10 मई 1857 को आजादी की कड़ी में प्रथम आंदोलन की शुरूआत हुई थी।

सभी को देश के इतिहास के बारे में जागरूक होने की आवश्यकता है। कार्यक्रम के दौरान प्रो0 वर्मा ने बालिका सुरक्षा शपथ दिलायी। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ0 स्नेहा पटेल द्वारा किया गया। तकनीकी सहयोग इं0 मनीषा यादव ने किया। इस अवसर पर डॉ0 राजेश कुमार सिंह, डॉ प्रतिभा त्रिपाठी, डॉ निहारिका सिंह, डॉ0 दिव्या वर्मा, डॉ0 सरिता पाठक, डॉ0 श्रेया, सुश्री गायत्री, सुश्री वल्लभी तिवारी, तथा बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं जुड़ी रही।

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https://www.voiceofayodhya.com/2022/04/indias-goal-of-eliminating-malaria-by.html

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