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Wednesday, July 6, 2022

साइबर फ्रॉड से सावधान रहने की जरूरतः कुलपति प्रो0 रविशंकर सिंह

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साइबर क्राइम से बचने के लिए निजी जानकारी देने से बचेः डॉ0 पवन चैरसिया

अवध विश्वविद्यालय में साइबर सिक्योरिटी विषय पर आयोजित हुआ व्याख्यान

अयोध्या। डॉ0 राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के बीएससी प्रोग्राम द्वारा “साइबर सिक्योरिटी” विषय पर ऑनलाइन व्याख्यान आयोजित किया गया। व्याख्यान की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 रविशंकर सिंह ने कहा कि आधुनिक युग में बढ़ते हुए डिजिटल पेमेंट सिस्टम और कंप्यूटरीकरण के कारण होने वाले फ्रॉड से बचने के लिए सभी को जागरूक होने की जरूरत है। कुलपति ने बताया कि वर्तमान में साइबर फ्रॉड के मामले काफी देखने व सुनने को मिल रहे है। ऐसे में सतर्क रहने की आवश्यकता है। क्योंकि बिना जानकारी के बड़े नुकसान की वजह बन सकती है। कुलपति प्रो0 सिंह ने बताया कि साइबर हमलों को रोकने के लिए इंटरनेट सिक्योरिटी के द्वारा बचा जा सकता है। डिवायस में एंटीवायरस को जरूर इंस्टाल करना चाहिए।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता बी0बी0ए0यू0 लखनऊ के डॉ0 पवन कुमार चैरसिया ने बताया कि इंटरनेट प्रयोग के मामले में भारत विश्व में दूसरे स्थान पर है। इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय हमें अपनी निजी जानकारी को सुरक्षित रखना अत्यंत आवश्यक है। क्योंकि कई प्रकार के साइबर अपराध हैकर निजी जानकारी चुराकर अपने कार्य को अंतिम रूप दे रहे है। डॉ0 चैरसिया ने साइबर क्राइम से बचने के उपायों पर चर्चा करते हुए छात्रों से कहा कि स्वयं के साथ-साथ अपने आसपास और रिश्तेदारों को भी जागरूक करें जिससे कि ऑनलाइन बैंकिंग, फेसबुक फ्रॉड सहित कई प्रकार के धोखाधड़ी से बच सके। इससे बचने का एकमात्र उपाय सावधानी, सुरक्षा एवं जानकारी ही है। उन्होंने बताया कि निजी जानकारी जैसे डेट ऑफ बर्थ, ओटीपी, सीवीवी कोड, पासवर्ड, एटीएम कार्ड पिन इत्यादि अन्य को साझा करने से बचना चाहिए। वहीं आनलाइन पेमेंट के मामले में पूरी तरीके से संतुष्ट होने के बाद ही वेबसाइट अथवा लिंक पर उपयोग करना चाहिए। डाॅ0 चैरसिया ने बताया कि अपने मोबाइल में ऐप इंस्टॉल करने से पहले उसकी रेटिंग और डेवलपर के बारे में जानकारी करनी चाहिए। ऐसे ऐप को परमिशन सोच समझकर ही देना चाहिए। उन्होंने बताया कि किसी भी व्यक्ति को लिंक से वेबसाइट को खोलने के बजाय एड्रेस बार में जाकर वेबसाइट का पूरा यूआरएल टाइप करने के उपरांत साइट खोलनी चाहिए। क्योंकि कई बार देखा गया है कि किसी भी वेबसाइट का क्लोन बनाकर आपकी निजी जानकारी प्राप्त कर लेते है। अंत में डाॅ0 चैरसिया ने छात्रों द्वारा किए गए प्रश्नों का उत्तर देकर उन्हें संतुष्ट किया। बीएससी प्रोग्राम के समन्वयक प्रो0 के0के0 वर्मा ने आयोजन समिति के सदस्यों की प्रशंसा की और कहा कि आगे भी इस तरह के कार्यक्रम होते रहेंगे। कार्यक्रम का संचालन आयोजक समिति के सदस्य डॉ0 दीपक वर्मा ने किया। अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन अमितेश पंडित द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ० अश्विनी कुमार, डॉ0 मनोज, डॉ0 जितेंद्र, डॉ0 अमिता, डॉ0 मिथिलेश, डॉ0 प्रदीप, डॉ0 कल्पना, डॉ0 शिवप्रकाश, डॉ0 गया प्रसाद, डॉ0 ज्ञानेश्वर सहित छात्र-छात्राएं आनलाइन जुड़े रहे।

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