अयोध्यालाइव

रायसीना डायलॉग क्यों है बेहद खास जानिए

Share on facebook
Share on twitter
Share on pinterest
रायसीना

Listen

Advertisements

रायसीना डायलॉग क्यों है बेहद खास जानिए

पीएम मोदी ने सोमवार को 7वें रायसीना डायलॉग का उद्घाटन किया। 25 अप्रैल से 27 अप्रैल तक चलने वाले डायलोग में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयन वार्ता में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुईं। इस दौरान यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयन ने कहा, ”लोकतांत्रिक देशों को मिलकर काम करने की जरूरत है।”

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष ने यूक्रेन में युद्ध के लिए रूस को जिम्मेदार ठहराया तथा तेल और गैस हासिल करने के लिए रूस पर निर्भरता की ओर संकेत करते हुए कहा कि ऊर्जा सुरक्षा के नाम पर किसी देश को ब्लैकमेल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

पीएम मोदी का संकल्पः 2047 तक भारत ऊर्जा क्षेत्र में बनेगा आत्मनिर्भर

उन्होंने वैकल्पिक और हरित ऊर्जा के लिए भारत में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने ये संकल्प व्यक्त किया है कि आजादी के शताब्दी वर्ष (2047) तक भारत ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो जाएगा। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष ने हिन्द प्रशांत क्षेत्र में चीन की चुनौतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के घटनाक्रम का असर हिन्द प्रशांत क्षेत्र में भी पड़ेगा। मुक्त स्वतंत्र समृद्ध और नियम आधारित हिन्द प्रशांत क्षेत्र सुनिश्चित करने के लिए लोकतांत्रिक देशों को मिलकर काम करना चाहिए।

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयन ने यहां आयोजित सातवें रायसीना संवाद के उद्घाटन सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, विदेश मंत्री एस जयशंकर और विभिन्न देशों के वर्तमान और पूर्व नेताओं तथा राजनयिक इस तीन दिवसीय संवाद के उद्घाटन सत्र में उपस्थित थे।

क्या रखी गई थीम ?

रायसीना डायलॉग 2022 में टेरोनोवा-जोशीला, अधीर और जोखिम ग्रस्त स्थितियों की पर फोकस किया गया है। इसे कार्यक्रम की थीम रखा गया है और इस दौरान इन सभी प्रारूपों में पैनल चर्चा भी होगी। इनके अंतर्गत 6 विषयों पर व्यापक चर्चा होगी जिनमें लोकतंत्र पर पुनर्विचार बहुपक्षवाद का अंत, वाटर पर्पस हरित संस्कृति को बढ़ावा देना शामिल है। इसके अलावा वाटर कॉकस, हरित संस्कृति को बढ़ावा देना भी विषय में शामिल है।

तीन दिन तक चलने वाले रायसीना डायलोग में लगभग 100 सत्र होंगे, इनमें 90 से अधिक देशों और बहुपक्षीय संगठनों के 210 से अधिक वक्ता अपने विचार रखेंगे। इस आयोजन में अलग-अलग देशों के कई पूर्व प्रधानमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी सम्मिलित होंगे। रायसीना डॉयलॉग एक बहुआयामी सम्मेलन है जो वैश्विक समुदाय के सामने सबसे चुनौतीपूर्ण मुद्दों को संबोधित करने के लिए प्रतिबद्ध है। सम्मेलन की मेजबानी ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन विदेश मंत्रालय के सहयोग से करता है।

क्या है रायसीना डायलॉग ?

वर्तमान परिपेक्ष में रायसीना डायलॉग की बात करें तो यह भू-राजनीतिक एवं भू-आर्थिक मुद्दों पर चर्चा का वार्षिक मंच है। विदेश मंत्रालय और ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन द्वारा संयुक्त रूप से इसका आयोजन किया जाता है जिसमें बहुआयामी और बहुपक्षीय वार्ता का अवसर प्राप्त होता है। विभिन्न देशों के विदेश, रक्षा और वित्त मंत्री इस चर्चा में शामिल होते हैं। यह एक बहु हितधारक और बहुपक्षीय बैठक है जिसमें बहुत सारे पक्षों को सम्मिलित किया जाता है और उनसे विचार-विमर्श किया जाता है, जिसमें नीति-निर्माताओं, विभिन्न राष्ट्रों के हितधारकों, राजनेता, पत्रकार, उच्चाधिकारियों, उद्योग एवं व्यापार जगत के प्रतिनिधि शामिल होते हैं।

कब से हुई शुरुआत ?

रायसीना डायलॉग की शुरुआत 2016 से हुई थी जब वैश्विक मंच पर आर्थिक और भू-राजनीतिक मुद्दों से जुड़े विषयों को एक व्यापक मंच मिला था। 2019 की बात करें तो द वर्ल्ड रीऑर्डर, न्यू ज्योमैट्रिक्स इसकी थीम रही थी। हर बार रायसीना डायलॉग की एक थीम रखी जाती है जिसका मकसद वैश्विक स्तर पर उठ रहे विषयों को मंच देना होता है। जैसे 2020 में नेविगेंटिंग द अल्फा सेंचुरी रायसीना डायलॉग की थीम रही थी। वहीं 2021 में वायरल वर्ल्ड-आउटरब्रेक, आउटलायर्स, आउट ऑफ कंट्रोल थीम रखी गई थी और इस बार 2022 में टेरानोवा-जोशिला, अधीर और जोखिम ग्रस्त स्थितियां इस बार की थीम है।

सरकार को इससे क्या लाभ ?

इससे भारत सरकार को अंतरराष्ट्रीय संबंधों के विभिन्न स्थितियों और मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने हेतु एक मंच प्रदान करता है। रायसीना डायलॉग से सरकार की कूटनीतिक क्षमताओं में वृद्धि हुई है।

 https://www.ayodhyalive.com/10605-2/ 

ADVERTISEMENT

अयोध्यालाइव समाचार youtube चैनल को subscribe करें और लेटेस्ट खबरों से अपडेट रहे।
https://www.youtube.com/channel/UCs8PPJM3SmMZdIMQ6pg4e1Q?sub_confirmation=1

Advertisements

Related News

Leave a Reply

JOIN TELEGRAM AYODHYALIVE

Currently Playing
Coming Soon
देश का सबसे प्रभावशाली प्रधानमंत्री कौन रहा है?
देश का सबसे प्रभावशाली प्रधानमंत्री कौन रहा है?
देश का सबसे प्रभावशाली प्रधानमंत्री कौन रहा है?

Our Visitor

112392
Users Today : 53
Total Users : 112392
Views Today : 75
Total views : 144485
May 2022
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  
Currently Playing
May 2022
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  

OUR SOCIAL MEDIA

Herbal Homoea Care

Also Read

%d bloggers like this: