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Sunday, October 2, 2022

बस दो द‍िन और, पूर्वांचल में होगी झमाझम बार‍िश

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बस दो द‍िन और, पूर्वांचल में 28 जून से होगी झमाझम बार‍िश

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बस दो द‍िन और, पूर्वांचल में 28 जून से होगी झमाझम बार‍िश

Gorakhpur Monsoon 2022 गोरखपुर में मानसूनी बारिश की प्रतीक्षा कर रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मानसून बिहार तक पहुंच गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि दो दिन के भीतर मानसून पूर्वांचल में पहुंच जाएगा।

गोरखपुर में दो दिन के भीतर मानसूनी बारिश के आसार हैं।

गोरखपुर, Gorakhpur Monsoon 2022: उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों का मानसूनी वर्षा को लेकर इंतजार समाप्त होने वाला है। बारिश की वायुमंडलीय परिस्थितियां तैयार हो चुकी हैं। बंगाल की खाड़ी का मानसून बिहार के मोतियाहारी तक पहुंच भी चुका है। ऐसे में 28-29 जून तक गोरखपुर और आसपास के जिलों में मानसूनी वर्षा का पूर्वानुमान मौसम विज्ञानी जता रहे हैं। ऐसा नहीं कि उससे पहले वर्षा की कोई उम्मीद नहीं है। मानसूनी बारिश से पहले भी स्थानीय वायुमंडलीय परिस्थितियों के चलते जिले में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। रविवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस नीचे रह सकता है रविवार सुबह का न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहा।

बिहार के मोतिहारी तक पहुंच चुका है बंगाल की खाड़ी का मानसून

मौसम विज्ञानी कैलाश पांडेय ने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में मानसून बंगाल की खाड़ी की ओर से आता है और वह बिहार तक पहुंच चुका है। उधर अरब सागर के मानसून के चलते गुजरात के पोरबंदर से लेकर शिवपुर, रीवा और चुर्क तक एक निम्नवायुदाब क्षेत्र बना हुआ है। इसका बल भी पूर्वी उत्तर प्रदेश की मानसूनी बारिश को मिलेगा। इसके अलावा दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश की ऊपरी हवाओं में एक चक्रवातीय हवा का क्षेत्र भी बना हुआ है।

28 जून से शुरू हो सकती है मानसूनी वर्षा

इन सब परिस्थितियों की वजह से बारिश का माहौल तैयार हो गया है। 28 जून से मानसूनी वर्षा शुरू हो सकती है। इससे पहले भी कुछ स्थानों पर छिटपुट बारिश भी हो सकती है। कैलाश पांडेय के अनुसार मौसम विभाग के मानक के अनुसार जब लगातार तीन दिन 2.5 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड कर ली जाती है तो उसे मानसूनी बारिश करार दिया जाता है। उधर शनिवार को गोरखपुर का अधिकतम तापमान 36 और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। आद्रता 51 से 75 प्रतिशत के बीच रही।

चार साल बाद देर हुआ मानसून

मौसम विज्ञानी ने बताया कि चार साल बाद मानसून आने में इतनी देर हुई है। इससे पहले 2018 में मानसून की दस्तक 27 जून को हुई थी। बीते वर्ष 17 जून का मानसूनी बारिश की शुरुआत हो गई है। बीते तीन वर्ष में मानसून आने में उत्तरोत्तर देर हुई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में मानसूनी बारिश की आदर्श तिथि 15 जून है।

बीते वर्षों में मानसून आने की तिथि

वर्ष – तिथि

2021 17 जून

2020 19 जून

2019 23 जून

2018 27 जून।

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