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Wednesday, February 1, 2023

बोन मैरो की जांच पर दो दिवसीय संगोष्ठी एवं वर्कशॉप का शुभारंभ

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बोन मैरो

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बोन मैरो की जांच पर दो दिवसीय संगोष्ठी एवं वर्कशॉप का शुभारंभ

वाराणसी : पैथोलॉजी विभाग, चिकित्सा विज्ञान संस्थान, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, द्वारा बोन मैरो की जांच विषय पर आयोजित दो दिवसीय संगोष्ठी एवं वर्कशॉप का आज ट्रॉमा सेन्टर परिसर में शुभारंभ हुआ। ये संगोष्ठी एवं कार्यशाला दिनांक 14 अप्रैल एवं 15 अप्रैल 2022 को आई.सी.एच. एवं वाराणसी हेमाटोलॉजी ग्रुप के तत्वावधान में किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है कि बोन मैरो की जांच के बारे में लोगों में जागरूकता लाई जाए और इस बारे आमजन व चिकित्सकों को बताया जा सके कि कैसे एक छोटी सी जांच से साधारण बीमारियों से लेकर खून के कैंसर के विभिन्न प्रकारों का पता लगाया जा सकता है। आधुनिक प्रौद्योगिकी तथा नए शोध के जरिये आज यह संभव हो पाया है कि यह जांच काफी आसानी से और कम खर्च एवं कम समय में की जा सकती है।

बोन मैरो
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संगोष्ठी के पहले दिन देश भर से जाने माने चिकित्सकों व विशेषज्ञों ने बोन मैरो की जाँच की नई पद्धतियों के बारे में विस्तार से चर्चा की तथा अपनी विशेषज्ञता तथा अनुभवों से प्रतिभागियों का ज्ञानवर्धन किया। उन्होंने बताया की यह जाँच किसी भी खून की बिमारी का पता लगाने में अत्यन्त महत्वपूर्ण है।

प्रो. तेजिन्दर सिंह, पूर्व विभागाध्यक्ष, पैथोलॉजी विभाग, MAMC, नई दिल्ली, ने बताया कि बोन मैरो की जाँच के द्वारा खून के कैंसर का शुरूआती दौर में ही पता लगाया जा सकता है तथा इससे मालिक्यूलर स्टडीज करके इनका इलाज भी हो सकता है.

JIPMER, Puducherry, से आए प्रो. देवदत्ता बसु ने खून की कमी पर विस्तारपूर्वक चर्चा की
और यह बताया कि खून की कमी को हल्के में न लें. यह साधारण से लेकर गंभीर
बीमारी के लक्षण हो सकते हैं.

आई.एस.एच.बी.टी. के अध्यक्ष प्रो. एच. पती ने ब्लड कैंसर पर प्रकाश डाला क्योंकि आज के खान-पान, रहन-सहन से खून के कैंसर में दिनों दिन बढ़ोत्तरी हो रही है जो कि काफी चिन्ता का विषय है. बच्चों में भी यह कैंसर काफी आम हो गया है, अत: इसकी पूरी जानकारी तथा सही समय पर जाँच की जाये तो इसका इलाज संभव है.

इसके अलावा एस.जी.पी.जी.आई., लखनऊ की प्रो.सीमा शर्मा ने भी कैंसर के फैलाव के बारे में जानकारी दी. डॉ. गुरमीत सिंह तथा डॉ. नेहा सिंह ने भी बोन मैरो द्वारा कई खून की बिमारियों के जाँच और उपचार पर चर्चा की.

इस संगोष्ठी के आयोजक अध्यक्ष प्रो. विजय तिलक हैं। कार्यक्रम का संचालन डा. परोमिता पॉल एवं डॉ तनिमा मण्डल ने किया.

इस संगोष्ठी में 22 शोध पत्र भी प्रस्तुत किये जायेंगे जिनमें कई प्रकार के खून के कैंसर पर चर्चा की जाएगी.

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