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विश्वासघात दिवस पर धरना-प्रदर्शन-मार्च कर सौंपा ज्ञापन, राष्ट्रपति से आश्वासन के मुताबिक कार्रवाई की मांग

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अयोध्या।संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय आह्वान पर आयोजित विश्वासघात दिवस के तहत सोमवार को जिला इकाई की ओर से धरना प्रदर्शन किया गया और मार्च कर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन के प्रतिनिधि को सौंपा गया।ज्ञापन में संयुक्त मोर्चा की जिला इकाई का कहना है कि 21 नवंबर 21 को प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर किसान आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने, न्यूनतम समर्थन मूल्य कानून लागू करने, लखीमपुर खीरी मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी को बर्खास्त करने सहित किसान परिवारों को आर्थिक सहायता दिलाने समेत अन्य मांग की गई है।तिकोनिया पार्क पर आयोजित धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय सचिव घनश्याम वर्मा और जिला अध्यक्ष सूर्यनाथ वर्मा ने कहा कि मोर्चा की ओर से प्रधानमंत्री को लिखी गई चि_ी के जवाब में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने सरकार की ओर से आश्वासन देते हुए आंदोलन वापस लेने का आग्रह किया था। जिसके चलते किसानों ने 11 दिसंबर को अपना धरना प्रदर्शन स्थगित कर दिया था। इतने दिन बीतने के बावजूद सरकार ने कोई भी वादा पूरा नहीं किया और देश के किसानों के साथ विश्वासघात किया। सरकार के आश्वासन पर उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल, एमपी और हरियाणा सरकार के साथ भारत सरकार के विभाग और एजेंसियों तथा संघ शासित क्षेत्रों ने मुकदमा वापस लेने की सहमति दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। वादे के मुताबिक केंद्र सरकार की ओर से राज्यों को मुकदमा वापस लेने की अपील भी नहीं की गई। उन्होंने कहा कि शहीद किसान परिवारों को मुआवजा देने के मामले में भी कोई कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी।प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य अभय राज ब्रह्मचारी और महिला जिला अध्यक्ष सुमन पांडेय ने कहा कि एमएसपी पर प्रधानमंत्री ने कमेटी बनाने की घोषणा की थी लेकिन न तो कमेटी का गठन किया गया और न ही इसके स्वरूप और कार्य के बारे में ही कोई जानकारी दी गई। लखीमपुर खीरी हत्याकांड में एसआईटी की रिपोर्ट के बावजूद मंत्रिमंडल से टेनी को बर्खास्त नहीं किया गया। वहीं दूसरी ओर घटना में किसानों को फंसाया और गिरफ्तार किया जा रहा है। लगता है कि केंद्र सरकार ने किसान विरोधी हठ पाल रखा है और इसी के तहत आस्ट्रेलिया के साथ मुक्त व्यापार समझौता कर डेयरी,जैव विविधता कानून में संशोधन से जैविक संपदा को खत्म करने की कोशिश की जा रही है। एफएसएसएसआई में नये नियम बनाकर जेनेटिक मॉडिफाइड खाद्य पदार्थों को पिछले दरवाजे से घुसाने की कोशिश हो रही है और एफसीआई के नये मानक से फसल खरीद में कटौती की जा रही है। युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष भागीरथी वर्मा ने कहा कि किसानों ने खून पसीना बहा कर खाद्यान्न मामले में देश को आत्मनिर्भर किया। अब उसके अस्तित्व पर खतरा पैदा हो गया है। ऐसे में राष्ट्रपति महोदय को हस्तक्षेप करना चाहिए। किसानों का अहित जारी रहा तो दोबारा आंदोलन मजबूरी होगी।वही गांधी पार्क में रालोद और दूसरी किसान यूनियन से जुड़े लोगों ने धरना प्रदर्शन कर मुख्य मांगों के साथ केंद्रों पर समय से धान की तौल कराने और गन्ना पर्ची तथा समय से भुगतान के बाबत प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन भेजा। धरने को जिलाध्यक्ष चौधरी राम सिंह पटेल, किसान यूनियन के मायाराम वर्मा ,कमला प्रसाद बागी, दिनेश दुबे ,मोहम्मद इसहाक, अवध राम यादव समेत अन्य ने संबोधित किया।

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