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दिल्ली : तीनों निगमों का होगा एकीकरण, दिल्ली MCD मर्जर बिल पर राष्ट्रपति ने लगाई मुहर

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दिल्ली MCD मर्जर बिल’ पर राष्ट्रपति ने लगाई मुहर, दिल्ल

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दिल्ली : तीनों निगमों का होगा एकीकरण, दिल्ली MCD मर्जर बिल पर राष्ट्रपति ने लगाई मुहर

दिल्ली : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दिल्ली नगर निगम (संशोधन) अधिनियम 2022 को मंजूरी दे दी है। इसके तहत पहले से दिल्ली के तीन उत्तरी, दक्षिणी और पूर्वी नगर निगम को एक कर दिया जाएगा। तीनों निगमों के एक हो जाने के बाद इसे अब दिल्ली नगर निगम कहा जाएगा। केंद्र सरकार निगम के कार्यों का निर्वहन करने के लिए एक विशेष अधिकारी नियुक्त करेगी। दिल्ली नगर निगम संशोधन बिल को लोकसभा और राज्यसभा में पास होने के बाद राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा गया था, जिसे अब मंजूरी मिल गई है।

MCD मर्जर बिल संसद से हुआ पास

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली नगर निगम के एकीकरण के बिल को दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में पेश किया था। दिल्ली नगर निगम के एकीकरण के बिल को राज्यसभा में पेश करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में कहा था कि जब ये निगम बांटे गए थे तब उद्देश्य अच्छा सोचा होगा लेकिन परिणाम अच्छे नहीं आए। तीनों निगमों की नीतियां अलग-अलग हैं। इस कारण एक ही शहर में तीनों निगमों के अलग-अलग कार्यविधि हैं। इसमें दो नगर निगम तो वित्तीय रूप से काफी कमजोर हैं। दिल्ली नगर निगम संशोधन बिल 30 मार्च को लोकसभा और 5 अप्रैल को राज्यसभा में ध्वनि मत से पारित हुआ।

काम में आईं अधिक समस्याएं

नगर निगम को विभाजित करने के बाद से ही नगर निगमों के कामकाज में कोई खास सुधार नहीं हुआ। तीनों निगमों की अलग-अलग कार्यविधि होने के कारण निगमों के बीच आपसी समन्वय सही तरीके से नहीं हो पाया। निगम वित्तीय संकट में फंसने से कर्मचारियों को सही समय से वेतन नहीं मिल पा रहा था। वेतन में देरी की वजह से निगम कर्मचारियों को कई बार हड़ताल पर जाना पड़ा। इसके अलावा निगम का बंटवारा उचित तरीकों से नहीं होने के कारण कर्मचारियों को काम करने में काफी परेशानियों का सामन करना पड़ रहा था।

2011 में हुआ था बंटवारा

नगर निगम के कामकाज में सुधार लाए जाने के उद्देश्य से 2011 में दिल्ली नगर निगम का बंटवारा तीन अलग-अलग निगमों में कर दिया गया था। यह विभाजन 2012 के निगम चुनाव से पहले दिल्ली विधानसभा द्वारा दिल्ली नगर निगम संशोधन विधेयक पारित कर किया गया था। विभाजन का आधार निगम की कार्यप्रणाली में सुधार कर प्रभावी तरीके से जनता को सेवाएं देना था।

किस नियम के तहत पास हुआ यह विधेयक

केंद्र सरकार द्वारा यह विधेयक संविधान के अनुच्छेद 239 (एए) के तहत दिए गए अधिकार के जरिए लाया गया था। संविधान का अनुच्छेद 239 केंद्र शासित प्रदेशों के लिए है जिनमें उनके अधिकार एवं सीमाएं वर्णित हैं। संविधान के अनुच्छेद 239 में दिल्ली के लिए विशेष तौर पर 239AA जोड़ा गया है। इस प्रावधान के मुताबिक संसद को दिल्ली के संघ राज्य क्षेत्र से जुड़े किसी भी विषय पर कानून बनाने का अधिकार प्राप्त है।

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