अयोध्यालाइव

Tuesday, August 9, 2022

बीएचयू में रीसेंट ट्रेन्ड्स इन एनीमल साइन्सेज़” पर तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय वर्चुअल सम्मेलन किया गया आयोजित

Share on facebook
Share on twitter
Share on pinterest

Listen

काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रो. एस.एस. जोशी सभागार में 25 से 27 मार्च 2022 तक प्राणी विज्ञान विभाग, उन्नत अध्ययन केंद्र, के इकोफिजियोलॉजी थ्रस्ट एरिया द्वारा “रीसेंट ट्रेन्ड्स इन एनीमल साइन्सेज़” पर तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय वर्चुअल सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन का उद्देश्य एक ऑनलाइन इंटरैक्टिव फोरम बनाना है जहां दुनिया भर के प्रमुख वैज्ञानिक, इच्छुक शोधकर्ता और उत्साही
छात्र पशु विज्ञान के नवीनतम ज्ञान, विचारों और शंकाओं को सांझा कर सकें। सम्मेलन के पहले दिन सीएसजेएम विश्वविद्यालय, डीडीयू विश्वविद्यालय और आजाद कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. अशोक कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उनके अतिरिक्त, अन्य गणमान्य व्यक्ति जैसे प्रोफेसर ए.के. त्रिपाठी, निदेशक, विज्ञान संस्थान, बीएचयू, प्रोफेसर एस.के. त्रिगुण, प्रमुख, जन्तु-विज्ञान विभाग,
बीएचयू, प्रोफेसर एम. सिंगरावेल, सम्मेलन संयोजक, और प्रोफेसर पी.एस. सक्सेना, सम्मेलन आयोजन सचिव, सम्मेलन के अन्य आयोजन सदस्य, जन्तु-विज्ञान विभाग के संकाय सदस्यों के साथ-साथ संबद्ध विज्ञान विभागों, शोधार्थियों और छात्रों ने उद्घाटन समारोह में भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलित कर महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी को श्रद्धा-सुमन अर्पित कर किया गया। सम्मेलन के संयोजक ने सम्मेलन के महत्व के बारे में संक्षिप्त में बताया। जन्तु-विज्ञान विभाग प्रमुख ने इस प्रकार के सम्मेलनों के आयोजन के महत्व पर बल दिया। मुख्य अतिथि ने पशु नैतिकता के महत्व को मानव कल्याण के समकक्ष महत्वपूर्ण होने पर अपने विचार प्रस्तुत किए। निदेशक, विज्ञान संस्थान ने ट्रांसलेशनल अनुसंधान के महत्व पर जोर दिया जो पशु मॉडल में बुनियादी अनुसंधान के माध्यम
से मनुष्यों को सीधे लाभ पहुंचा सकता है। आयोजन सचिव ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ समारोह का समापन किया।
उद्घाटन सत्र उपरांत पहले वैज्ञानिक सत्र की अध्यक्षता प्रो. एस.एम. सिंह और प्रो. ए.एम. कायस्थ, स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी, बीएचयू द्वारा की गयी। डॉ जी. उमापति, सीसीएमबी लैकोन्स, हैदराबाद ने “रीसेंट  ट्रेन्ड्स इन वाइल्ड लाईफ कन्ज़र्वेशन” विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किये। तत्पश्चात प्रोफेसर आर.पी. सिंह, जेएनयू, नई दिल्ली ने “एनीमल मॅाडल इन कैंसर रिसर्च” विषय पर व्याख्यान दिया। अगले वक्ता प्रो.
बी. सेंथिलकुमारन, हैदराबाद विश्वविद्यालय से थे, जिन्होंने कैटफ़िश में उत्पन्न एचसीजी अग्रिम स्पॉनिंग के ऑस्मॅाटिक पंप-मध्यस्थता नियंत्रित वितरण पर चर्चा की। जेएनयू, नई दिल्ली के प्रोफेसर उमेश सी.एस. यादव ने बताया कि कैसे ऑक्सीकृत कम घनत्व वाले लिपोप्रोटीन एथेरोस्क्लोरोटिक घटनाओं, एंडोथेलियल डिस्फंक्शन और फोम सेल के गठन के लिए जिम्मेदार हैं। प्रो. इल्या वी. उलासोव, मॉस्को स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी, रूस द्वारा ब्रेन ट्यूमर की प्रगति और चिकित्सा प्रतिरोध में एमएमपी14 की भूमिका विषय पर
सत्र का अंतिम व्याख्यान दिया गया। इस कार्यक्रम में 300 से अधिक प्रतिभागियों, संकाय सदस्यों, शोधकर्ताओं और विद्वानों ने ऑफलाइन और वर्चुअल मोड में भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया ।

ADVERTISEMENT

Related News

Leave a Reply

JOIN TELEGRAM AYODHYALIVE

Currently Playing
Coming Soon
देश का सबसे प्रभावशाली प्रधानमंत्री कौन रहा है?
देश का सबसे प्रभावशाली प्रधानमंत्री कौन रहा है?
देश का सबसे प्रभावशाली प्रधानमंत्री कौन रहा है?

Our Visitor

123412
Users Today : 69
Total Users : 123412
Views Today : 96
Total views : 159381
August 2022
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
293031  
Currently Playing

OUR SOCIAL MEDIA

Also Read

%d bloggers like this: